PM Kusum Yojna: Benefits, Subsidy, Eligibility And How To Register?

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Poonam Dubey

Last Updates: June 6, 2026

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PM Kusum Yojna: किसानों के लिए केंद्र की सरकार ने एक ऐसी योजना की शुरूआत की है, जिससे कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि ऊर्जादाता भी बन सकें। किसानों को अक्सर सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने, डीजल पर अधिक खर्च करने और बंजर भूमि से कोई आय न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन चुनौतियों का समाधान करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM KUSUM Yojana) शुरू की है। योजना के तहत किसान अपनी अनुपयोगी या बंजर जमीन पर सोलर पैनल स्थापित कर सकते हैं। इन सोलर पैनलों से उत्पन्न बिजली का उपयोग वे अपनी सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए कर सकते हैं, जिससे बिजली और डीजल पर होने वाला खर्च कम हो जाता है। इसके अलावा, जरूरत से अधिक बची हुई बिजली को किसान बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेच सकते हैं, जिससे उन्हें हर महीने अतिरिक्त और नियमित आय का स्रोत प्राप्त होता है।

आज के इस आर्टिकल में PM Kusum Yojna से संबंधित सभी जरूरी और महत्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, लाभ तथा अन्य सभी प्रकार की जानकारियां शामिल हैं।

PM Kusum Yojna: Overview

Name Of The SchemePM KUSUM Yojana
DepartmentMINISTRY OF NEW AND RENEWABLE ENERGY
Objectiveकिसानों को ‘अन्नदाता’ के साथ-साथ ‘ऊर्जादाता’ बनाना और आय के साधन बढ़ाना
Beneficiaryदेश के सभी किसान, पंचायतें, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और सहकारी समितियां
Benefitsखेतों की सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर नियमित कमाई
Subsidyसरकार द्वारा कुल लागत पर 60% तक की भारी सब्सिडी दी जाती है
Loanबैंक से 30% तक का लोन मिलता है (किसान को केवल 10% खर्च वहन करना होता है)
Mode Of ApplicationOnline/ Offline
Official Websitepmkusum.mnre.gov.in

PM Kusum Yojna: Components Of The Scheme

किसानों की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए PM Kusum Yojna को तीन भागों में लागू किया गया है, यह व्यवस्था किसानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने में भी मदद करती है:

  • घटक-A (सोलर पावर प्लांट स्थापना): इसके तहत किसान अपनी खाली या अनुपयोगी भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली को बिजली ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।
  • घटक-B (सोलर कृषि पंप): योजना के इस भाग में किसानों को डीजल पंपों के स्थान पर सौर ऊर्जा से संचालित नए कृषि पंप लगाने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे सिंचाई की लागत में कमी आती है।
  • घटक-C (मौजूदा पंपों का सोलरीकरण): जिन किसानों के पास पहले से विद्युत चालित कृषि पंप हैं, वे उन्हें सौर ऊर्जा से जोड़ सकते हैं। अपनी जरूरत की बिजली उपयोग करने के बाद बची हुई बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।

PM Kusum Yojna: Benefits

PM Kusum Yojna किसानों को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कई फायदे प्रदान करती है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • अतिरिक्त कमाई का अवसर: किसान अपनी खाली या अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। इस बिजली को बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेचकर लंबे समय तक नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।
  • सिंचाई के लिए सस्ती ऊर्जा: सोलर पंपों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सूर्य की ऊर्जा से पंप संचालित होने के कारण खेती की लागत कम होती है और सिंचाई आसान बनती है।
  • बंजर भूमि से भी होगी कमाई: जो भूमि खेती के लिए उपयुक्त नहीं है, उसे सोलर परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाकर आय का नया स्रोत बनाया जा सकता है। इससे बेकार पड़ी जमीन भी आर्थिक रूप से उपयोगी बन जाती है।
  • सरकारी सहायता और सब्सिडी का लाभ: योजना के तहत सौर संयंत्र एवं पंप लगाने के लिए किसानों को पर्याप्त सरकारी सब्सिडी और आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है।
  • पर्यावरण के अनुकूल खेती: सौर ऊर्जा के उपयोग से डीजल की खपत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। इससे प्रदूषण घटता है और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।
  • जमीन लीज पर देकर आय अर्जित करने का विकल्प: यदि किसान स्वयं सोलर प्लांट नहीं लगाना चाहता, तो वह अपनी भूमि सोलर डेवलपर्स को लीज पर देकर नियमित किराये के रूप में आय प्राप्त कर सकता है। इससे बिना निवेश के भी कमाई संभव है।
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा: यह योजना किसानों को अपनी ऊर्जा जरूरतें स्वयं पूरी करने में सक्षम बनाती है, जिससे बिजली की अनिश्चित उपलब्धता और बढ़ती ऊर्जा लागत की समस्या कम होती है।
  • कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा: नियमित बिजली उत्पादन और उससे होने वाली आय किसानों के लिए एक स्थायी आर्थिक सुरक्षा कवच तैयार करती है, जिससे उनकी आय के स्रोतों में विविधता आती है।

PM Kusum Yojna: Subsidy

SourceExpenditure Percentage (%)Detail
केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी60%सरकार सीधे तौर पर सोलर प्लांट/पंप लगाने के कुल खर्च का 60% अनुदान देती है।
बैंक लोन30%किसान को कुल लागत का 30% हिस्सा बैंक से बहुत ही कम ब्याज दर पर लोन के रूप में मिल जाता है।
किसान का अपना योगदान10%किसान को अपनी जेब से कुल खर्च का मात्र 10% हिस्सा ही लगाना होता है।

PM Kusum Yojna: Eligibility

PM Kusum Yojna का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को सरकार द्वारा निर्धारित कुछ आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करना होता है। प्रमुख शर्तें निम्नलिखित हैं, इन पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले किसान योजना के विभिन्न घटकों के तहत आवेदन कर सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं और सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते हैं:

  • भारतीय किसान: योजना का लाभ केवल भारत के स्थायी निवासी किसानों को दिया जाता है। आवेदक का कृषि कार्य से जुड़ा होना जरूरी है।
  • समूह एवं संस्थाएं भी कर सकती हैं आवेदन: किसानों के अलावा किसान समूह, सहकारी समितियां, ग्राम पंचायतें, किसान उत्पादक संगठन (FPO) तथा अन्य पात्र संस्थाएं भी योजना के तहत आवेदन कर सकती हैं।
  • भूमि का स्वामित्व: घटक-A के अंतर्गत सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए आवेदक के नाम पर भूमि होना आवश्यक है। कृषि योग्य, बंजर, चरागाह या अन्य उपयुक्त भूमि का उपयोग किया जा सकता है।
  • विद्युत सब-स्टेशन के निकट भूमि: बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर बिजली बेचने के इच्छुक किसानों की भूमि संबंधित विद्युत सब-स्टेशन के निर्धारित दायरे में होनी चाहिए, ताकि बिजली को ग्रिड से आसानी से जोड़ा जा सके।
  • सक्रिय बैंक खाता अनिवार्य: आवेदक के पास आधार से लिंक किया हुआ सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए, ताकि सब्सिडी और अन्य वित्तीय लाभ सीधे खाते में हस्तांतरित किए जा सकें।
  • आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होना जरूरी: आवेदन के समय पहचान, निवास, भूमि स्वामित्व और बैंक संबंधी दस्तावेजों सहित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे।

PM Kusum Yojna: Required Documents

PM Kusum Yojna के तहत आवेदन करते समय कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • भूमि संबंधी दस्तावेज
  • भूमि विवाद न होने का प्रमाण पत्र
  • बैंक खाते की जानकारी
  • आय प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर

PM Kusum Yojna: How To Apply Online

PM Kusum Yojna के तहत Online आवेदन प्रक्रिया सरल है। किसान घर बैठे या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सहायता से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • आवेदन करने के लिए सबसे पहले PM Kusum Yojna की आधिकारिक वेबसाइट या अपने राज्य के अक्षय ऊर्जा विभाग/ऊर्जा विभाग के पोर्टल पर जाएँ और योजना से संबंधित जानकारी पढ़ें।
  • होमपेज पर उपलब्ध ‘रजिस्ट्रेशन’ या ‘अप्लाई ऑनलाइन’ विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आवश्यक विवरण भरकर अपना पंजीकरण पूरा करें।
  • नाम, आधार संख्या, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी तथा अन्य आवश्यक जानकारी भरें। मोबाइल पर प्राप्त OTP के माध्यम से Verification प्रक्रिया पूरी करें।
  • लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म में राज्य, जिला, ब्लॉक, गांव, भूमि का विवरण, खसरा नंबर, भूमि क्षेत्रफल और अन्य जरूरी जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करें।
  • आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड, बैंक पासबुक, फोटो और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।
  • यदि संबंधित राज्य में आवेदन शुल्क निर्धारित है, तो उसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन जमा करें।
  • फॉर्म जमा करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारियों और अपलोड किए गए दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।
  • सभी जानकारी सही पाए जाने पर ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
  • आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद प्राप्त आवेदन संख्या या रिफरेंस नंबर को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें।
  • रिफरेंस नंबर की सहायता से समय-समय पर पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) भी जांच सकते हैं।

PM Kusum Yojna: How To Apply Offline

जिन किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई होती है, वे ऑफलाइन माध्यम से भी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:

  • सबसे पहले अपने जिले के बिजली विभाग, कृषि विभाग या राज्य की नोडल अक्षय ऊर्जा एजेंसी के कार्यालय में जाएँ और योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।
  • प्रधानमंत्री कुसुम योजना का निर्धारित आवेदन फॉर्म लें या उपलब्ध होने पर उसे डाउनलोड कर प्रिंट भी कर सकते हैं।
  • फॉर्म में मांगी गई सभी व्यक्तिगत, बैंकिंग और भूमि संबंधी जानकारियों को सही और स्पष्ट रूप से दर्ज करें।
  • आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड, बैंक पासबुक, फोटो, निवास प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की Self-Attested प्रतियां संलग्न करें।
  • सभी दस्तावेजों के साथ भरे हुए आवेदन फॉर्म को संबंधित अधिकारी या विभाग में जमा कर दें। जमा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कोई जानकारी अधूरी न हो।
  • आवेदन जमा करने के बाद विभाग द्वारा जारी पावती रसीद या आवेदन संख्या अवश्य प्राप्त करें। यह रसीद भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए महत्वपूर्ण होगी।
  • आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। सत्यापन पूरा होने पर पात्र किसानों को योजना के तहत आगे की प्रक्रिया के लिए सूचित किया जाएगा।

PM Kusum Yojna: How To Check Status

आवेदन जमा करने के बाद किसान अपने आवेदन की प्रगति और चयन की जानकारी ऑनलाइन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  • सबसे पहले PM Kusum Yojna या अपने राज्य के अक्षय ऊर्जा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
  • होमपेज पर उपलब्ध ‘Application Status’, ‘Track Application’ या ‘आवेदन की स्थिति देखें’ जैसे विकल्प पर क्लिक करें।
  • फॉर्म जमा करते समय प्राप्त आवेदन संख्या (Application Number) या रिफरेंस नंबर दर्ज करें। आवश्यकता होने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर या आधार संख्या भी भरें।
  • कैप्चा कोड या ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ‘सबमिट’ या ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर आपके आवेदन की मौजूदा स्थिति (जैसे – आवेदन प्राप्त, दस्तावेज सत्यापन जारी, Approved या Rejected दिखाई देगी।
  • यदि विभाग द्वारा लाभार्थियों की सूची जारी की गई है, तो ‘Beneficiary List’ या ‘Selected Farmers List’ विकल्प पर क्लिक करें।
  • लाभार्थी सूची देखने के लिए अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें। इसके बाद चयनित किसानों की सूची स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी।
  • सूची में अपना नाम, आवेदन संख्या या अन्य विवरण मिलाकर यह सुनिश्चित करें कि आपका चयन योजना के लिए हुआ है या नहीं।

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Conclusion

बंजर जमीन से कमाई करना, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली प्राप्त करना और डीजल के बढ़ते दामों से छुटकारा पाना, इस योजना के ऐसे फायदे हैं जो किसानों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में काम करेंगे। यदि आपके पास भी खेती के अलावा बंजर या खाली पड़ी जमीन है, तो आपको इस योजना का लाभ उठाने में देरी नहीं करनी चाहिए। यह योजना न केवल आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अपना बहुमूल्य योगदान देगी।

आशा है कि आपको ये जानकारी अच्छी लगी। अपने दोस्तों के साथ इस जानकारी को आगे साँझा जरुर करें।

PM Kusum Yojna: FAQ’S

1) PM Kusum Yojna के तहत कितनी बिजली बेची जा सकती है?

आपकी अपनी कृषि और सिंचाई की जरूरत पूरी होने के बाद जो भी अतिरिक्त बिजली (Surplus Power) बचेगी, वह नेट-मीटरिंग के जरिए ग्रिड में चली जाएगी, और आप उस पूरी अतिरिक्त बिजली को बेच सकते हैं।

2) क्या PM Kusum Yojna पूरे भारत में लागू है?

हाँ, PM Kusum Yojna एक केंद्रीय योजना है जो पूरे भारत में लागू है। लेकिन, इसके Implementation का काम राज्य सरकारों की अलग-अलग नोडल एजेंसियों के माध्यम से किया जा रहा है।

3) क्या उपजाऊ जमीन पर सोलर प्लांट लगाया जा सकता है?

सरकार का मुख्य जोर बंजर और अनुपयोगी जमीन का इस्तेमाल करने पर है। हालांकि, यदि आप खेती वाली जमीन पर प्लांट लगाना चाहते हैं, तो सोलर पैनलों को स्टिल्ट (Stilt – ऊंचे खंभों) पर इस तरह लगाया जा सकता है कि नीचे की जमीन पर आप आसानी से छोटी फसलें उगा सकें।

4) क्या यह प्लांट लगाने के लिए किसी कंपनी को पैसे देने होंगे?

सरकार आपको सीधे सब्सिडी देती है। आपको प्लांट लगाने का ठेका MNRE द्वारा सूचीबद्ध (Empanelled) प्रमाणित वेंडर्स या एजेंसियों को ही देना होता है। आपको केवल अपनी हिस्से का 10% (और लोन मार्जिन) पैसा देना होता है, बाकी सब्सिडी सीधे वेंडर को या आपके खाते में प्रक्रिया के अनुसार दी जाती है।

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